शराब पिने से आपके शरीर को कितना नुकशान होता है शराब पिने के फायदे और नुकशान



मेरा एक दोस्तों है जिसकी उम्र  37 साल की है  उसे  शराब पीने की लत है. 14 की उम्र से वो शराब पी लग गया और  रोज़ पीते हैं और तब तक पीते हैं जब तक वो ओलती न कर दे, वो अपनी सुध नहीं खो देते. उन्होंने बहुत कोशिश की ये लत छोड़ने की, घरवालों ने भी सारे उपाय कर लिए और सरे उपाए कर के घरवाले थक गए पर कोई फायदा नहीं हुआ. इस शराब की लत की वजह से उनकी नौकरी चली गई, लड़की ने शादी टूट दी  और अब उनका शरीर बेकार भी और साथ भी छोड़ रहा है. आप या में सालों तक हद से ज़्यादा शराब पीते हैं तो उसका असर आपकी सेहत पर भी पड़ता है. वो चाहते हैं 
एल्कोहॉल एब्यूज क्या होता है?


डॉक्टर अखिल ने ये हमें बताया,



डॉक्टर अखिल अगरवाल, मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट, मानश हॉस्पिटल,कोटा
हम शराब पीने की आदत को तीन हिस्सों में बांट सकते हैं

1. है एल्कोहॉल एब्यूज

2. है नॉर्मल या सोशल एल्कोहॉलिज्म

3. है एल्कोहॉल डिपेंडेंस

अगर आप अपनी जिम्मेदारियां जैसे ऑफिस, सामाजिक, या परिवार के काम पूरे न कर पा रहे हों. गाड़ी चलाते समय शराब नहीं पीनी चाहिए. फिर भी पी रहे हों. काम की जगह या रिस्की जगह पर शराब नहीं पीनी चाहिए. पर अगर इन जगहों पर भी आप अगर शराब पीते हैं. शराब के कारण आप लीगल मसलों में पड़ रहे हों. तो इसको एल्कोहॉल एब्यूज कहा जाता है.



2. है एल्कोहॉल डिपेंडेंस
अगर आप ज़्यादा से ज़्यादा शराब पी पाते हैं. थोड़ी मात्रा से काम नहीं चलता है, अगर शराब नहीं पीते तो विदड्रॉल सिंपटम होते हैं यानी वो लक्षण जो किसी लत को छोड़ने के बाद महसूस होते हैं. इसके कारण आपकी लाइफ और काम पर लगातार असर पड़ता है. आप शराब छोड़ नहीं पाते. अगर ये लक्षण हैं तो मतलब आप एल्कोहॉल डिपेंडेंट हैं. ये कुछ तरीके हैं जिनसे पता चलता है कि इंसान को शराब की लत तो नहीं लग रही.



किन लोगों को लगती है शराब की लत?

आदमियों में औरतों के मुकाबले शराब की ज़्यादा लत होती है

अधिक पार्टी लाइफ 

फैमिली लाइफस्टाइल

अधिक पार्टी लाइफ 

हाई इकॉनमिक और लो इकॉनमिक ग्रुप्स में

कुछ जेनेटिक फैक्टर भी होते हैं 

सेहत पर क्या असर पड़ता है?

शराब सिर के बालों से लेकर, पैरों के नाख़ूनों तक को नुकसान पहुंचाती है 

पीयर प्रेशर यानी साथियों का प्रेशर

आपके व्यवहार में परिवर्तन आता है

शराब शरीर के हर सेल के मेम्ब्रेन (सेल की बाहरी परत) पर असर करती है. शुरुआत में उसका लचीलापन बढ़ाती है, बाद में उसे सख्त कर देती है


अल्सर होने के चांसेस बढ़ते हैं

नींद खराब हो जाती है

शरीर में कैंसर का खतरा

शरीर को विटामिंस सोखने में परेशानी होती है 

लिवर की बीमारियां होती हैं

डायबिटीज़ वालों में शुगर बढ़ेगा 

अगर शराब 20 से 30 ग्राम डेसीलीटर हो तो ये आपके सोचने-समझने की शक्ति और हाथ-पैरों की मूवमेंट को कम करता है

बीपी बढ़ता है 

अगर शराब 80 से 200 ग्राम प्रति डेसीलिटर हो तो आपको उल्टियां होती हैं

अगर शराब की मात्रा और बढ़ती है तो सोचने-समझने की शक्ति और कम हो जाती है 

200 ग्राम प्रति डेसीलिटर से ज़्यादा शराब हो तो आप अपने होश खो बैठते हैं

मूड खराब रहता है

चिड़चिड़ापन होता है 

कई साइड इफ़ेक्ट हैं. जैसे आप ड्राइव नहीं कर सकते, ठीक से बोल नहीं पाते

300 ग्राम से ज़्यादा होने पर बेहोशी या मौत भी हो सकती है

इलाज  क्या है ?

शराब की लत का उपचार संभव है

इसमें तीन ज़रूरी स्टेप हैं

सबसे पहले होता है इंटरवेंशन. यानी पेशेंट में डिनायल ख़त्म किया जाता है. जैसे वो मानने के लिए तैयार नहीं होता कि वो ज़्यादा नहीं पीता. इसे ख़त्म किया जाता है

अव्वल तो इसका बचाव ही उपचार है
200 ग्राम प्रति डेसीलिटर से ज़्यादा शराब हो तो आप अपने होश खो बैठते हैं

तीसरा है रीहैबिलिटेशन (पुनर्वास). इसमें लगातार साइकोथेरेपी, परिवार का सपोर्ट मोटिवेशन और अगर ज़रूरत पड़ती है तो रिहैब सेंटर (नशा मुक्ति केंद्र) में एडमिट किया जाता है

दूसरा है डिटॉक्सिफिकेशन (शरीर से बाहर निकालना)
दोस्तों उम्मीद है जो लोग एल्कोहॉल एब्यूज कर रहे हैं, जिनको इसकी लत है, ये टिप्स उनके काम ज़रूर आएंगी. 

किसी भी चीज़ की लत छुड़ाना मुश्किल ज़रूर हो सकता है, पर नामुमकिन नहीं. ख़ासतौर पर अगर सवाल आपकी ज़िंदगी और परिवार का हो तो. इसलिए कोशिश ज़रूर करिए.

दोस्तों ये पोस्ट आपको कैसे लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये और इस पोस्ट को आप अपने उन दोस्तों शेयर जरूर करे जो शराब की लत से परेशां है  


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